महक रहा मधुवन वसंत थाप दे रहा दरवाजे -दरवाजे

*फूलदेई :: देहरी-देहरी वसंत*

फूलदेई मूलत: उत्तराखंड का लोकपर्व है, इस दिन बच्चे वसंत को पुकारते हुए और घर घर फूल डालकर वसंत की उपस्थिति का अहसास करवाकर मंगलकामना जाहिर करते हैं 

ऐसा फूल होगा कहीं
जो अनछुआ हो एकदम
सूर्य से भी |

नही चाहिये
देवताओं के वास्ते
उतारे गये फूल
या फिर गूंथे गये केशों में
या भौरों के जूठे फूल |
वन-वन ढूँढ़ रहे
फूलों से कोमल बच्चे
ऐसा फूल
जो अनचीन्हा हो
आनंद रस से भरा
चौखट पर आपके
महक रहा मधुवन
वसंत थाप दे रहा दरवाजे -दरवाजे |

बच्चे गा रहे..
छम्मा देई छम्मा देई
दैंणी द्वार
भर-भकार
यों देली सौं
बारंबार नमस्कार |
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✒️ संतोषकुमार तिवारी
अयोध्याधाम, पीरुमदारा
नैनीताल