कपालभाती -प्राणायाम है जीवन की संजीवनी, इससे  हैं 10 तरह के लाभ

भाग-दौड़ से भरी जिंदगी, लोगों के लिए काफी थकावट भरी होती है। पूरे दिन की व्यस्तता में लोग अपने खान-पान पर भी ठीक से ध्यान नहीं दे पाते हैं। साथ ही लोगों के पास उतना समय भी नहीं है कि वह हर दिन एक्सरसाइज कर सकें। इस प्रकार की जीवन शैली वाले अधिकांश लोग बहुत सारी अनचाही बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए अगर आपके पास व्यायाम करने का समय नहीं है तो आप हर दिन कपालभाती प्राणायाम जरूर करें। इससे आपके शरीर को बहुत सारे लाभ मिलेंगे और आप बिलकुल निरोग रहेंगे।

सबसे पहले ध्यान रखने वाली बातें

वैसे तो कपालभाती प्राणायाम सभी उम्र के लोग कर सकते हैं – बच्चों से लेकर वयस्क और बूढ़े तक, लेकिन अगर आपको सांस से संबन्धित कोई परेशानी है तो आप इस योग का अभ्यास शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें। इसके अलावे चक्कर की समस्या, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, हर्निया, मिर्गी, दौरे तथा आमाशाय के अल्सर की ससम्या वाले लोगों को यह योग नहीं करना चाहिए
कपालभाती प्राणायाम करने की विधि

इस योग को करने के लिए आप पद्मासन, सिद्धासन अथवा वज्रासन की मुद्रा में बैठें और शरीर को ढीला छोड़ दें। इसके बाद आप अपनी दोनों श्वास नलिका से साँसों को बाहर की तरफ छोड़ें। ध्यान रखें कि सांसों को बाहर छोड़ते समय आपको अपने पेट को अंदर की तरफ धक्का देना है। इसमें आपको सांस बल पूर्वक अंदर की तरफ नहीं लेना है, वह अपने आप ही अंदर चलिए जाएगी। लेकिन ध्यान रखें इससे दम घुटने जैसी स्थिति न उत्पन्न हो जाए। यह क्रिया आप तेजी से करते रहें। अगर आप पहली बार शुरू कर रहे हैं तो शुरुआती दौर में इसे केवल 30-40 बार ही करें और धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ाएँ। अगर आपके पास समय है तो आप 5-10 मिनटों के लिए भी कर सकते हैं।

कपालभाति प्रणायाम के लाभ

इससे ब्लड सर्कुलेशन ठीक होने के कारण आपका दिमाग अच्छी तरह काम करता है।
यह किडनी और लिवर को बेहतर ढंग से काम करने में मदद करता है।
शरीर से थकान कम होती है और पूरे शरीर को ऊर्जा मिलती है।
कपालभाति प्रणायाम की मदद से शरीर से टॉक्सिन्स अर्थात जहरीले और अनावश्यक पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।
इसके नियमित अभ्यास से स्मृति शक्ति बढ़ती है और दिमाग भी तेज होता है।
यह आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों को भी ठीक करता है।
इससे रक्त परिसंचरण अर्थात ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है तथा साथ ही इससे शरीर का
मेटाबॉलिज्म भी उचित ढंग से काम करता है।
कपालभाति प्रणायाम की मदद से फेफड़ों का कार्य भी सही हो जाता है।
यह आपके बालों के लिए भी बहुत अच्छा होता है।
यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।
इससे श्वास नलिका के अवरोध दूर होते हैं तथा बलगम की अधिकता दूर होती है।
कपालभाति प्रणायाम से दूर होने वाले रोग

अगर आपके दांतों में किसी प्रकार की समस्या है तो यह योग इससे छुटकारा दिलाने में आपकी जरूर मदद करेगा।
साथ ही इससे बालों की समस्या से भी राहत मिलती है।
शरीर से विशेषकर पेट से अनावश्यक फैट कम हो जाते हैं।
यह वजन कम करने में भी मदद करता है।
अगर आप यह योग रोजाना करते हैं तो इससे कब्ज, गैस, एसिडिटी जैसी पेट से संबंधित समस्या भी दूर हो जाती है।
यह मन से नकारात्‍मक विचारों को दूर करता है और आपको सकारात्म्क सोच वाला इंसान बनाता है।
अगर आपको थायराइड, चर्म रोग और आंखों की समस्‍या है तो आप हर दिन इस योग का अभ्यास करें।
यह डायबिटीज, कैंसर, महिलाओं की समस्‍ को दूर करता है और हीमोग्‍लोबिन का स्‍तर सामान्‍य बनाए रखता है।
इससे किडनी मजबूत होती है और यह शरीर को किडनी संबंधी सारी समस्‍याओं को दूर करने की क्षमता प्रदान करता है।

वैद्य आर पी पांडे ,अनंतशिखर, साकेतपुरी कॉलोनी, अयोध्या