युगतुलसी पं. रामकिंकर उपाध्याय का 98 वां दो दिवसीय जयंती समारोह शुरू

अयोध्या। श्री रामकथा के विशिष्ट व्याख्याता युगतुलसी पं. रामकिंकर उपाध्याय महाराज का 98 वां दो दिवसीय जयंती समारोह सायंकाल शुरू हो गया। रामायणम आश्रम में उनकी उत्तराधिकारी शिष्या सुश्री मंदाकिनी रामकिंकर के सानिध्य में संगीतमय सुंदरकांड के पाठ के साथ इसकी शुरुआत हुई।

मुख्य समारोह मंगलवार को सुबह आठ बजे प्राकट्यस्तुति से प्रारंभ होगा। इसके पश्चात सुबह साढ़े आठ बजे से महाराजश्री का अभिषेक, अर्चना पंचोपचार पूजन वैदिक परंपरा के अनुरूप संपन्न होगा।
इस संबंध में दीदी मां मंदाकिनी ने बताया कि पूर्वाह्न 11 बजे से एक विशेष प्रस्तुति तुलसी-युग तुलसी संवाद का मंचन आश्रम परिसर में ही किया जाएगा। दो घंटे की इस प्रस्तुति के तदंतर दोपहर एक बजे से भंडारा व दरिद्रनारायण की सेवा का कार्यक्रम होगा। इस बार इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण जननी जागृति दर्शऩ का होगा, जिसके अंतर्गत कानपुर निवासी किशोरवय की लेखिका के लक्ष्मणजी व उर्मिलाजी के जीवन पर आधारित उपन्यास लक्ष्मीला पर परिचर्चा व विमर्श का सत्र आहूत किया गया है, जिसमें अयोध्या महानगर के विद्वत समाज समाज की भागीदारी होगी।

सायंकाल छह बजे से सरयू आरती, सायं सात बजे से जन्म का अवसर होने से सोहर गायन तथा रात्रि में महाआरती और जन्म उत्सव का आयोजन किया गया है।