अन्यकृषिधर्ममध्य प्रदेशराज्यराष्ट्रीयलाइफस्टाइलशिक्षासमाचार

आदर्श प्रयास : ग्रामीणों ने बनाई गो-शाला, फसल नुकसान और सड़क दुर्घटना घटी

किसान खुश हैं, रखवाली के लिये अब हमेशा खेत पर नहीं रूकना पड़ता, क्योंकि गायों ने खेत में चरने के लिये घुसना बंद कर दिया

कमलेश लोधी ने एक दिन देखा कि एक व्यक्ति निराश्रित गाय को डंडे से बड़ी बेरहमी से पीटते हुए खेत से भगा रहा है

उन्हें गाय पर हो रही हिंसा के साथ ही व्यक्ति की फसल नुकसानी पर भी बहुत दुख हुआ

रायसेन जिले की सिलवानी तहसील के ग्राम जैथारी में ग्रामीणों ने किया आदर्श कायम

भोपाल : बुधवार, फरवरी 24, 2021, 15:30 IST

रायसेन जिले की सिलवानी तहसील के ग्राम जैथारी में ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से निराश्रित गायों के लिये गो-शाला बनाकर एक अनुपम उदाहरण पेश किया है। इस गो-शाला से 120 गायों को न केवल सहारा मिला है बल्कि खेतों में होने वाले फसल नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी आयी है।

हुआ यूँ कि ग्राम जैथारी के कमलेश लोधी ने एक दिन देखा कि एक व्यक्ति निराश्रित गाय को डंडे से बड़ी बेरहमी से पीटते हुए खेत से भगा रहा है। उन्हें गाय पर हो रही हिंसा के साथ ही व्यक्ति की फसल नुकसानी पर भी बहुत दुख हुआ। उन्होंने गाँव के लोगों से बात की और समझाया कि थोड़े से सहयोग से गाँव और आस-पास के बेसहारा मवेशियों के लिये अस्थाई गौ-शाला बनाकर फसल नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इससे बेसहारा गौ-वंश को आश्रय मिलने के साथ भरपेट चारा-पानी भी मिलेगा तो वे खेतों और सड़कों की ओर रूख नहीं करेंगे।

श्री कमलेश की कोशिश रंग लाईं। गौ-शाला के लिये  जसवंत धाकड़ ने अपनी भूमि दी, किसी ने लकड़ी, किसी ने प्लास्टिक तिरपाल दिया तो किसी ने चारा-पानी की व्यवस्था की। हाथों हाथ गौ-शाला बनकर तैयार हो गयी। गौ-शाला में 120 गाय हैं, जिनकी देखभाल के लिये तीन लोगों को रखा गया है।

किसान खुश हैं। रखवाली के लिये अब हमेशा खेत पर नहीं रूकना पड़ता क्योंकि गायों ने खेत में चरने के लिये घुसना बंद कर दिया है। सड़क पर गायों के झुंड अब नहीं बैठते इससे दुर्घटनायें भी काफी कम हो चली है। गौ-शाला सतत् चलती रहे इसके लिये ग्रामवासी सर्वश्री विजय, राम लखन, वीरेन्द्र, भोजराज, मोहन मुरारी, महेश पाल, संजय और गंगाराम चौधरी सहित अन्य ग्रामीण निरन्तर सहयोग दे रहे हैं।

Related Articles

Back to top button