वर्ष 2020-21 के लिये राज्य सड़क निधि के तहत रू0 3 हजार करोड़ की प्रस्तावित धनराशि का किया गया : केशव प्रसाद मौर्य

उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में राज्य सड़क निधि प्रबन्धन समिति की बैठक हुई  सम्पन्न

कहा कि छोटे-छोटे पुलों व ग्रामीण सम्पर्क मार्गों को दी जाय प्राथमिकता

-श्रमिकों के हुनर और कौशल का उपयोग करके उ0प्र0 बनेगा उत्तम प्रदेश -केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ l उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि राज्य में छोटे-छोटे पुलों, पुलियों व ग्रामीण सम्पर्क मार्गों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाय। उन्होने कहा कि पुलों व पुलियों के निर्माण से लाखों लोगों को अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचने में आसानी होती है और उन्हे लम्बा रास्ता नहीं तय करना पड़ता है। श्री मौर्य आज लोक निर्माण विभाग (मुख्यालय), कमान सेंटर में वेबिनार के जरिये आयोजित राज्य सड़क निधि प्रबन्धन समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
समिति द्वारा वर्ष 2020-21 के लिये राज्य सड़क निधि के तहत रू0 3000 करोड़ के प्रस्तावित व्यय का अनुमोदन किया गया, इसमें लेखा-शीर्षक 3054 मद सड़कों के अनुरक्षण हेतु रू0 1200 करोड़ तथा मार्गों के विशेष मरम्मत एवं पुल/पुलियों के पुनःनिर्माण हेतु रू0 300 करोड़ की धनराशि का प्राविधान किया गया है तथा लेखा-शीर्षक 5054 मद में सड़कों के निर्माण/पुनःनिर्माण एवं चैड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण हेतु रू0 1500 करोड़ की धनराशि का प्राविधान किया गया है, जिसमें रू0 1200 करोड़ 31 मार्च 2020 तक स्वीकृत चालू कार्यों हेतु है। समिति द्वारा वर्ष 2019-20 की कार्ययोजना का कार्योत्तर अनुमोदन भी किया गया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुल/पुलियों व सम्पर्क मार्गों आदि के सभी कार्य अपरिहार्य हैं, ये कार्य हर हाल में होने ही चाहिए, उन्होने जोर देते हुये कहा कि वर्षा से पहले-पहले ज्यादा से ज्यादा निर्माण कार्य पूर्ण करा लिये जायं, धनराशि का उपयोग समय से किया जाना सुनिश्चित किया जाय, धनराशि का व्यय समय से न होने पर सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होने जोर देते हुये कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को काम देना है। श्री मौर्य ने कहा कि केवल श्रमिकों को ही नहीं बल्कि किसी कार्य विशेष में दक्ष व विशेषज्ञ लोगों को भी काम देना है। उन्होने कहा कि कुशल श्रमिकों के कौशल और हुनर का सदुपयोग करके हम उ0प्र0 को उत्तम प्रदेश बनाने में कामयाब होंगे।
श्री  मौर्य  ने समिति के सदस्यों से सड़कों और पुलों तथा भवनों के निर्माण में सुझाव लेते हुये कहा कि हमें निर्माण कार्यों में ऐसी टेक्नालाॅजी का प्रयोग करना है जो सस्ती व शुलभ हो, समिति के लोग इस बारे में भी अपने उपयोगी सुझाव दें। समिति के कई सदस्यों द्वारा रखे गये प्रस्तावों का अनुमोदन भी किया गया। उन्होने कहा कि जनहित से सम्बन्धित अच्छे-अच्छे प्रस्ताव आने चाहिये। उन्होने कहा औद्योगिक क्षेत्र में अप्रोच रोड बनाने के जो प्रस्ताव आयेंगे, उन्हे भी अनुमोदित कर अप्रोच रोड बनाने का कार्य कराया गायेगा। श्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश के सभी अधीक्षण अभियन्ताओं को निर्देशित किया है कि वे 15 दिन के अन्दर एस0ओ0आर0 हर हाल में कम्पलीट करें।

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि लोक निर्माण विभाग में मनरेगा से कराये जाने वाले कार्यों में तेजी लायी जाय और ज्यादा से ज्यादा मानव दिवसों का सृजन किया जाय। उन्होने कहा कि हमें प्रत्येक श्रमिक को केवल कार्य ही नहीं उपलब्ध कराना है बल्कि उन्हें स्वावलम्बी व आत्मनिर्भर भी बनाना है।
बैठक में राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग  चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग  नितिन रमेश गोकर्ण ने भी महत्वपूर्ण विचार रखे। वेबिनार के जरिये उ0प्र0 मोटर ट्रांसपोर्ट के  मनोज कटारिया, सांसद (आंवला),  धमेन्द्र कश्यप, विधायक विनोद कटियार, विधायक मनीषा अनुरागी, हमीरपुर की जिला पंचायत अध्यक्षा जयन्ती राजपुत, फतेपुर की जिला पंचायत सदस्य, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने भी वेबिनार के जरिये अपने सुझाव रखे। बैठक में प्रबन्ध निदेशक राज्य परिवहन निगम राजशेखर, विभागाध्यक्ष लो0नि0वि0 श्री आर0आर0 सिंह, विशेष कार्याधिकारी  प्रदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

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